अंगे्रजी की कहावत है, सामान्य ज्ञान इतना सामान्य नहीं है. यद्यपि कॉमन सेंस अ©र सामान्य ज्ञान द¨न¨ं अलग अलग चीज़ें है, लेकिन दूसरी का रास्ता पहली से ह¨कर जाता है. सामान्य ज्ञान में क्रमिक वृद्धि का आधार अवल¨कन अ©र अध्ययन हैं, ज¨ रूचि से परिष्कृत ह¨ते हैं अ©र सतत सीखने की सहज उत्कंठा क¨ जाग्रत रखने में सहायक ह¨ते हैं. आज स्थिति इतनी दयनीय है कि किसी विश्वविद्यालय/महाविद्यालय से निकले बच्चे उस व्यक्ति के बारे में भी नहीं जानते जिसके नाम पर शिक्षण संस्थान बना है. भारतीय संस्कृति के प्रति उपेक्षा अज्ञान अ©र उपहास, दूसरी बड़ी वजह है, ज¨ युवा के मन में पाश्चात्य शिक्षा/संस्कृति से अपने क¨ कमतर देखने के लिए विवश है. अपने चार¨ं अ¨र के प्रति जागरूकता, एक स्वतंत्र स¨च क¨ विकसित करती है ज¨ शालेय छात्र¨ं क¨ जीवन के प्रति एक सजग नागरिक के रूप में तैयार करने में सहायक ह¨ती है.
नवलय ने ज्ञान मिलने से अधिक ज्ञान की आवश्यकता अ©र ज्ञान की प्यास जगाने के उद्देश्य को ध्यान में रखकर ‘‘नवलय सामान्य ज्ञान प्रश्न¨Ÿारी‘‘ का आयोजन विद्यालयों में करने का कार्य प्रारम्भ किया है। यह प्रयास युवाओं के लिये बेहतर मार्ग प्रशस्त करेगा ऐसी हमारी मान्यता है।
31 मार्च 2020 तक 4 विद्यालयों में ऐसे कार्यक्रम सम्पन्न हो चुके हैं।