शारदेय नवरात्रि के समय भोपाल में छोटे बड़े कई गरबा उत्सवों का आयोजन होता है परन्तु इन आयोजनों की भीड़ से एकदम अलग नवलय एवं नवाॅंकुर द्वारा आयोजित गरबा उत्सव है जो वर्ष 2004 से निरन्तर ‘नवरात्रि आनन्दोत्सव‘ के नाम से आयोजित किया जा रहा है, और निम्न विषेषताऐं इसे अन्य गरबा उत्सवों से अलग पहचान दिलाती हैं:-
ऽ आयोजन में दर्षकों का प्रवेष पूर्णतः निःषुल्क होता है।
ऽ मुख्य कार्यक्रम में षामिल होने के लिये तीन सप्ताह का गरबा प्रषिक्षण नाममात्र के षुल्क पर दिया जाता है।
ऽ आयोजन में किसी भी प्रकार के फिल्मी गीत या उनपर आधारित भजनों को स्थान नहीं दिया जाता।
ऽ आयोजन में गरबा करने वाले प्रतिभागी पूर्णतः देषी पारम्परिक वेषभूषा में गरबा करते हंै।
ऽ गरबा प्रषिक्षण देने हेतु अहमदाबाद के प्रसिद्ध, स्टेप अप डान्स अकादमी के प्रषिक्षकों का दल भोपाल में एक माह से अधिक समय तक रहता है।
ऽ कार्यक्रम में संगीत हेतु भोपाल के प्रसिद्ध नवाॅंकुर ग्रुप का आर्केस्टा होता है।
ऽ आर्थिक आवष्यकता होते हुऐ भी संस्था के द्वारा सिगरेट, बीड़ी, पानमसाला, अल्कोहलयुक्त पेय एवं कोल्ड ड्रिंक्स के विज्ञापन स्वीकार नहीं किये जाते। इससे अलग उपस्थित जनसमूह को इन व्यसनों से दूर रहने का सन्देष भी दिया जाता है।
अभी तक 16 आयोजन किये जा चुके हैं।
कुल मिलाकर देवी माॅं की आराधना के गरबा के स्वरूप को उसी रूप में समाज के सामने प्रस्तुत करने के सार्थक प्रयास का ही नाम है नवरात्रि आनन्दोत्सव।